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एनीमिया और कुपोषण पर प्रहारः हाथरस में डीएम अतुल वत्स ने किया राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान का शुभारंभ”

    जनपद में
    बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पौषण स्तर में सुधार तथ कृमि संक्रमण से बचाव के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति देवस के अवसर पर सर्वेलियन विद्यालय हतीसा भगकन्त्पुर में एक वृहद जन-जागत्कता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भजिलाधिकारी अतुल बरू ने फीता काटकर किया तथा बच्चों को स्वयं एल्बेन्डजोल की गोली खिल्लकर अभियान की विधिवत शुरुआत की। कार्यक्रम के मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों में कुरोषण, रनीमेया, कमजोरी, थकान, पेट दर्द एवं एकता की कमी का प्रमुख कारण बनता है, जनसे बच्चों का शारीरिक एवं नानसिक विकास प्रभावेत होता है। राष्ट्रीय
    कृनि मुक्ति दिवस अभियान का उद्देश्य 01 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों के कृमि नाशक दवा का सेवन कराकर उन्हें संक्रमण से सुरक्षित रखन है। उन्होंने कहा कि यह अभयान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों के नियमित रूप से कृमि नाशक दवा अवश्य दिलाएं तथा स्वच्छता की आदतें विकसित करें। उन्होंने बताया कि साफ-साई, नियमित हाथ धोना, नाखून छोटे रखना, स्वच्छ पेयजल का उपयोग, खुले में शौच से बचव एवं स्वच्छ वातावरण अपनाकर कृमि संक्रमण से प्रभावी रूप से बचाव किया ज सकता है। उन्होंने विद्यालयों में स्वास्थ्य शिक्षा को और अधिक सशक्त करने पर भी बल दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों, मदरसों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 01 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एल्बेन्डाजोल की दवा निःशुल्क वितरित की
    जा रही है। उन्होंने कहा कि 10 फरवरी को दवा सेवन से छूटे हुए बच्चों व किशोर/किशोरियों को 13 फरवरी को मॉप-अप दिवस पर दवा खिलाई जाएगी। आंगनबाड़ियों, शासकीय विद्यालयों, स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में बच्चों को कृमि की दवा का सेवन कराया जाएगा। एक वर्ष से दो वर्ष के बच्चों को अलबेंडाजॉल की आधी गोली खिलाई जाएगी। दो साल से अधिक उम्र के बच्चों को अलबेंडाजाल के साथ डी.ई.सी. गोली खिलाई जाएगी। उन्होने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चो में एनीमिया की कमि एवं पोषण स्तर में वृद्धि, बच्चो में शारीरिक वृद्धि एवं वजन बढ़ाना, मानसिक एवं शारीरिक विकास में वृद्धि, स्कूल में उपस्थित बढ़ाने में सहायक तथा बच्चो की याददाशत में वृद्धि एवं स्कूल में सक्रिय एवं भागीदारी को बढ़ाना है। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कम्युनिटी प्रोसिस प्रबन्धक, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, एम०ओ०आई० सी०, खण्ड शिक्षा अधिकारी, सी०डी०पी०ओ०, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे।
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